भोलेनाथ का पुष्प धतुरा

धतुरा के पुष्प और फल का हिन्दू धर्म में  एक अलग ही मान सम्मान हैं , इसके पुष्प और फल, शंकर भगवान की प्रिय पुष्प और फल हैं ! पूरे भारत मैं यह पुष्प हमें मिल जाती हैं ,इसका पौधा हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक कही भी लगाया जा सकता हैं ! धतुरा के पुष्प विभिन्न  रंगों में  हमें मिल जाती हैं जैसे पीला ,बैगनी  और सफेद धतुरा ,पीला धतुरा गुच्छों मैं खिलता हैं तथा इसके पुष्प दोहरे तथा बड़ा होता हैं ,धतूरा के पुष्प लम्बा किसी ग्रामोफोन के चोंगे के समान  होता हैं ,इसकी फुल की लम्बाई सामान्यतः  4 से 5 इंच  लम्बा होता हैं ! हम गार्डन मैं पीले धतुरा का उपयोग अच्छी तरह से कर सकते हैं क्योंकि इसके पुष्प बहुत ही सुन्दर दिखाई देते हैं ! पीले धतुरा को राजधतुरा या कनक भी कहते हैं !

धतुरा का फल कटहल के फल जैसा कांटेदार होता हैं ,जो अखरोट के फल से कुछ बड़ा होता हैं ,इसके बीज मिर्च के बीज के सम्मान ही होते हैं किन्तु  मीर्च के बीज से कुछ बड़े होते हैं !

हम धतुरा के पौधे को बीज द्वारा रोपड़ करते हैं ,यह किसी प्रकार की मिटटी मैं लगाया जा सकता हैं ,धतुरा का प्रयोग आयुवेद मैं भी होता हैं !

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