सजनी रे सहजन ,सहजन का पेड़ (Drumstick tree )


यह एक  बहुत उपयोग  वृक्ष हैं ,इसे अलग – अलग क्षेत्रों मै  अलग –अलग नामों से जाना जाता हैं, इस वृक्ष के  पत्ते, फुल और फल सभी की सवादिष्ट  व्यंजन बनाई जाती  हैं , इसके पत्ते की सब्जी हम हर मौसम मैं युज कर सकते हैं ,

सहजन जिसे इंग्लिश मैं Drumstick tree तथा इसका वान्स्पनिक  नाम ‘मोरिंगा ओलीफेरा “  (maringaOliefera ) इसे स्थानीय भाषा मैं मुनगा,सजहजना,सेजन आदि नामों से  भी जाना जाता हैं  | 

सहजन मूल रूप से भारत का वृक्ष हैं, लेकिन इसका उपयोगिता पुरे विश्व मैं फैल चुकी हैं , तथा इसका व्यापक रूप से खेती  पुरे एशिया मैं की जाती हैं , इसके आलावा यह अफ्रीका ,दक्षिण अमेरिका ,मलेशिया और फिलीपिस मैं भी पायी जाती हैं तथा इसका व्यापक उपयोग की किया जाता हैं  |


सहजन के वृक्ष के कोई भी भाग बेकार नहीं , हम इसके जड़ से लेकर गोंद ,छाल सभी का  उपयोग आयुर्वेदिक दवाए  तैयार करने मैं करते हैं , इसे पुरे विश्व  की सबसे उपयोगी वृक्ष माना जाता हैं, हम इस बात से अन्दाजा लगा सकते हैं सहजन की आयुर्वेद में 300  से भी ज्यादा प्रयोग औषधी  बनाने मैं किया जाता हैं , इसके हर तरह की विटामिन्स व मिनरल्स पाये जाते हैं , इसके पत्तियों मैं  आयरन की मात्रा भरपुर पायी जाती हैं ,|
गाँव मैं सहजन की फूल और पत्तियाँ का उपयोग गर्भवती व  प्रसूता महिलाओं  के शारीरिक पोषण के लिए अमृत माना जाता हैं  |

सहजन के व्यजंन –

हम सहजन के फली से स्वादिष्ट व्यजन बनाते है , इसके पत्ती ,फूल व फली से सब्जी ,व फली से आचार व चटनी बनाये जाते है .

सहजन एक मध्यम ऊँचाई वाला वृक्ष है ,यह सामान्यत 10 से 12 मीटर की ऊंचाई वाला होता है , इसके फल 20 से 50 सेमी तक लम्बे और लगभग 2 सेमी 2.5 चौड़े होते है , इसके पुष्प सफ़ेद और गुच्छों में बहुत बेहतरीन लगते है .फली सूखने के बाद फली से काले –काले बीज निकलते है , जो बहुत हल्के होते हैं .हम मूनगा या सहजन की रोपण बीज और कलम विधि से  कर सकते हैं .
तो आओ हम सब मिलकर सहजन को अपने गार्डन में जरुर स्थान दें .

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